जी न्यूज भारत से चित्रकूट मण्डल ब्यूरो मनोज कुमार अग्रहरि की खाश रिपोर्ट ब्रेकिंग न्यूज चित्रकूट आज तहसील सभागार कर्वी में राष्ट्रीय पोषण माह सितम्बर 2023 के अन्तर्गत ‘वोकल फॅार लोकल‘‘ विषय पर अपर जिला जज/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्रकूट की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी चित्रकूट श्री पी0डी0 विश्वकर्मा द्वारा पोषण माह मनाए जाने के बारें में विस्तृत रूप में जानकारी दी गई। अवगत कराया गया कि शासन द्वारा 08 सितम्बर 2023 को सम्पूर्ण पोषण के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य समूहों और बाल विकास के लिए क्षेत्रीय स्तर पर उपलब्ध खिलौनों के उपयोग को बढावा देने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है।
इस वर्ष आयोजित होने वाले छठे राष्ट्रीय पोषण माह सितम्बर 2023 में कन्वर्जेन्स विभाग के साथ ताल-मेल करते हुए बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की दर में एवं कुपोषण स्तर में कमी लाने हेतु मुख्यतः 7 गतिविधियां पूरे माह में विभिन्न स्तरों पर आयोजित होनी है।
आंगनवाडी केन्द्रों एवं गाँव स्तर पर कार्यरत विभिन्न विभागों के सहयोग से प्रभावी स्तनपान एवं सम्पूरक आहार, स्वस्थ बालक स्पर्धा, पोषण भी पढाई भी, मिशन लाइफ के माध्यम से पोषण में सुधार, मेरा माटी- मेरा देश, जनजातीय/ मलिन बस्तियों के वंचित समूह केन्द्रित अभिमुखीकरण व एनीमिया स्तर में सुधार हेतु परीक्षण, उपचार एवं संवाद आदि गतिविधियों का आयोजन कराते हुए इनकी फीडिंग भारत सरकार के डैशबोर्ड पर कराई जानी है।
कार्यशाला में कृषि विज्ञान केन्द्र गनीवां की वैज्ञानिक द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई स्थानीय स्तर पर गांव में उपलब्ध मोटे अनाज (श्रीअन्न) एवं साग-सब्जियों के उपयोग से कुपोषण एवं एनीमिया की दर मे प्रभावी कमी लाई जा सकती है। आंगनवाडी कार्यकत्रियां एनीमिया एवं कुपोषण को दूर करने में संदेश वाहक लीडर के रूप में कार्य कर सकती है। प्रधानमंत्री जी के सपनों का भारत बनाने हेतु मिलकर कुपोषण एवं एनीमिया के विरूद्व प्रभावी लडाई हेतु हम सभी को जन-आन्दोलन में भागीदारी करनी है।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए अपर जिला जज/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्रकूट श्री एस0एम0 सिद्वकी द्वारा जानकारी दी गई कि एनीमिया एवं कुपोषण का एक प्रमुख कारण यह भी है कि जन समुदाय ने परम्परागत अनाज एवं साग-सब्जियों का उपयोग न करके डिबा बन्द सामग्रियों का उपभोग करने लगे हैै। आंगनवाडी कार्यकत्रियां, आशा बहनें एवं गाँव स्तर पर कार्यरत समस्त कार्मिक समुदाय को मोटे अनाज ‘‘श्री अन्न‘‘ से बने खाद्य सामग्री के उपयोग एवं स्वच्छता व साफ-सफाई के परामर्श से स्वस्थ भारत, सुपोषित भारत, साक्षर भारत, सशक्त भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान कर सकते हैं। विधिक प्राधिकरण जन-आन्दोलन में हर स्तर से अपना पूर्ण सहयोग देगा।
कार्यशाला में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मोटे अनाज (श्रीअन्न) एवं साग-सब्जियों तथा बच्चों के खिलौनों की प्रदर्शनी व स्टॉल लगाई गई थी।
कार्यशाला में तहसीलदार कर्वी, नायब तहसीलदार कर्वी, पूर्ति निरीक्षक कर्वी, ए0डी0ओ0 समाज कल्याण, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाएं, स्वयंसेवी संगठन, टी0एस0यू0, पीरामल, यूनीसेफ के प्रतिनिधि व आंगनवाडी कार्यकत्रियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

