जी न्यूज भारत से चित्रकूट मण्डल ब्यूरो मनोज कुमार अग्रहरि की खाश रिपोर्ट ब्रेकिंग न्यूज चित्रकूट आज दिनाक 08 सितम्बर 2023 को सदर विधायक मा० श्री अनिल प्रधान जी सदर तहसील चित्रकूट परिसर पर में जनता की विभिन्न समस्याओं को लेकर धरने पर बैठे

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जी न्यूज भारत से चित्रकूट मण्डल ब्यूरो मनोज कुमार अग्रहरि की खाश रिपोर्ट ब्रेकिंग न्यूज चित्रकूट आज दिनाक 08 सितम्बर 2023 को सदर विधायक मा० श्री अनिल प्रधान जी सदर तहसील चित्रकूट परिसर पर में जनता की विभिन्न समस्याओं को लेकर धरने पर बैठे ।

 मा० सदर विधायक ने कहा कि चित्रकूट की जनता लो-वोल्टेज, अघोषित विद्युत कटौती, विद्युत फाल्ट, विद्युतअधिकारी और कर्मचारियों की बेरूखी और फोन न उठाना, नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंचाया जा रहा है। जिले में किसानों की फसलें सूख गयीं लेकिन जनपद को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया। किसानों को पर्याप्त यूरिया उपलब्ध नहीं हो पा रही है। बड़ी संख्या में अन्ना पशु फसलों को तबाह कर रहे हैं। 

किसान-मजदूर महिलायें और बच्चे अन्ना पशुओं के शिकार हो रहे हैं। अतिक्रमण के नाम पर सैकडों बरस से रोजी-रोटी कमा रहे छोटे व्यापारी एवं दुकानदारों की दुकानें उजाड़ी जा रही हैं। जनपद की सड़कें जर्जर हैं। सम्पर्क मार्गों के हालात ऐसे हैं कि पता ही नहीं चल पा रहा है कि रोड़ में गड्ढे हैं या फिर गड्ढे में रोड़ हैं। स्वास्थ्य सेवाएं लचर हैं। संयुक्त जिला चिकित्सालय में पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। संयुक्त जिला चिकित्सालय में प्रसव ऑपरेशन 24 घण्टे नहीं हो पा रहे हैं। हर घर नल योजना के तहत गांव की सड़के तोड़ दी गयी हैं परन्तु उनका दुरूस्तीकरण नहीं हुआ। श्रम विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है। जनपद मुख्यालय सहित चित्रकूट की आम जनता आये दिन हो रही चोरी की घटनाओं से परेशान है आदि समस्याओं को लेकर उपजिलाधिकारी सदर महोदय को एक 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा और उपजिलाधिकारी कर्वी ने मा० विधायक जी को आश्वस्त किया है कि आगामी 11 सितम्बर 2023 को कलेक्ट्रेट सभागार में ज्ञापित अधिकारी व कर्मचारियों के साथ मा० सदर विधायक जी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जायेगी, जिससे जनता की समस्याओं का निराकरण किया जा सके और सम्बन्धित विभाग को अपने दायित्वों का ईमानदारी के साथ निर्वहन करें। बता दें कि मा० सदर विधायक जी ने पूर्व में 04 सितम्बर 2023 को सदर उपजिलाधिकारी कर्वी को जनता की समस्याओं को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन करने को सूचित किया था लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दिया और सुरक्षा कारणों का हवाला देकर धारा 144 लागू होने की बात कही। आगे मा० सदर विधायक जी ने चेताया कि शीघ्र अगर जनता की समस्याओ का निवारण न किया गया तो वे विशाल जन आन्दोलन करने को विवश होगें । 
1. लो-वोल्टेज, फाल्ट एवं अघोषित विद्युत कटौती, नम्बर लगाकर विद्युत आपूर्ति:पूरे जिले में लो-वोल्टेज की भरमार है। पावर इतना कम रहता है कि ट्यूबबेल नहीं चल पा रहे हैं। लो-वोल्टेज के कारण घरों में विद्युत उपकरण जल रहे हैं। लो-वोल्टेज के कारण किसानों के ट्यूबबेल न चलने के कारण धान की फसल पूर्णरूप से सूखने की कगार पर है जिससे किसान अत्यधिक परेशान है। 24 घण्टे में सैकडों बार विद्युत आपूर्ति में ट्रिपिंग होती है।

2. विद्युतीकरणः जनपद में ऐसे हजारों मजरे हैं जहां पर 10 घरों के ऊपर होने के बाद भी आज तक विद्युत नहीं पहुँची है। सौभाग्य योजना की बात कई सालों से हो रही है किन्तु आज तक सूची बनने के बाद भी उन मजरों में विद्युतीकरण नहीं हुयी है।

3. विद्युत चोरी के नाम पर गरीबों, कमजोरों को परेशान करने, विद्युत चोरी के नाम पर गरीबों, कमजोरों एवं लाचारों को परेशान किया जा रहा है। समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को विजिलेंस टीम द्वारा फर्जी एफ0आई0आर0 कराकर अवैध वसूली की शिकायतें आती हैं। जो गांव के गरीब, किसान, मजदूर हैं जो कटिया, मशीन, टुल्लू आदि का उपयोग करते हैं उनके खिलाफ मुकदमा बनाकर उन्हें अत्यधिक परेशान किया जाता है।

4. विद्युत कर्मियों द्वारा फोन न उठाने, विद्युत फाल्ट एवं अन्य छोटी-छोटी समस्याओं पर तत्काल कार्यवाही न करने विषयकःअक्सर होता है कि जिले के विद्युत अधिकारी विशेष रूप अवर अभियन्ता शाम से फोन को बंद कर लेते हैं। अवर अभियन्ता केवल दिनभर कटिया ढूंढकर अवैध वसूली करने में लगे रहते हैं।जनप्रतिनिधियों से सही बात एवं बर्ताव नहीं करते तो आम जनमानस की स्थिति समझी जा सकती है। छोटे-छोटे फाल्ट एवं फ्यूज बांधने के लिये जनता द्वारा अवगत कराने के बाद 03 - 03 दिन तक विद्युत आपूर्ति ठप्प रहती है। अधीक्षण अभियन्ता विद्युत एवं विद्युत राजापुर अधिशाषी अभियन्ता विद्युत का रवैया हमेशा टाल-मटोल का रहता है। अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर इनका कोई कंट्रोल नहीं है। ऐसा लगता है कि विभागीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा किये जा रहे
भ्रष्टाचार में इनकी संलिप्तता है। इनके पास आम जनता जब फरियाद लेकर जाती है तो उनसे बत्तमीजी करते हैं। जनता अगर सीधे फोन करके इन्हें कोई समस्या बताती है तो यह जनता डांटते हैं और नीचे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फोन करने के लिये कहते हैं । इन दोनों अधिकारियों की कार्यशैली के सन्दर्भ में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाये एवं विद्युत फाल्ट एवं छोटी-छोटी समस्याओं को 24 घण्टे के अन्दर ही ठीक कराया जाये । 

5. जिले की नहरों में पानी टेल तक नहीं पहुँच रहा है:शासन के सख्त निर्देशों के बाद भी नहरों से पानी टेल तक नहीं पहुँच रहा है केवल कागजी खानापूर्ति करके रिपोर्ट ऊपर भेजी जा रही है। चिल्लीमल नहर जो करीब 16किमी0 की है, इसमें 05 किमी0 के आगे पानी नहर के टेल तक नहीं पहुंच रहा है। 10किमी० के आगे तो पानी ही नहीं जा रहा है। हर वर्ष लाखों रूपये नहर सफाई के नाम पर खर्च कर केवल कागज में सफाई हो रही है। इसी तरह रसिन बांध से निकलने वाली नहरों में सफाई नहीं हुई है केवल खानापूर्ति करके बजट का बंटाधार किया गया है। रसिन बांध की नहरों का संचालन कर रहे सिंचाई अधिशाषी अभियन्ता को केवल ऑफिस में बैठकर जिला चलाते हैं । वृक्षारोपण के नाम पर इनकी देखरेख में लाखों का घोटाला हुआ है। आप कितने भी पत्र इन्हें लिखिये इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। नहरों के न चलने की बात कहें तो कहते हैं कि बांध में पानी ही नहीं है। इस विषय पर सख्त कार्यवाही हो और इनके खिलाफ शासन एवं इनके उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जाये । 

6. जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाये:इस वर्ष जनपद चित्रकूट में बहुत ही कम बारिश हुई है। जिसके कारण पूरे जिले का किसान अत्यधिक परेशान है और किसानों की फसलें सूख रही हैं। विद्युत न मिलने के कारण न तो किसानों के ट्यूबबेल चल रहे हैं और न ही नहरों से पानी टेल में पहुंच रहा है। जिससे किसान पर दोहरी मार पड़ रही है। अतः जनपद चित्रकूट को सूखाग्रस्त घोषित करने का प्रस्ताव जिला प्रशासन द्वारा शासन को भेजा जाये ।


7. यूरिया की पर्याप्त उपलब्धताःजिले की साधन सहकारी समितियों में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता न होने कारण किसानों को बाजार से यूरिया महगें दामों पर खरीदनी पड़ती है और वहां पर जिंक आदि भी लेना जरूरी है। अतः पर्याप्त यूरिया की उपलब्धता हेतु शासन को अवगत कराया जाये।

8. अन्ना पशुओं से छुटकाराःजनपद चित्रकूट में अन्ना पशुओं की भरमार है। पूरी फसल को अन्ना पशु तबाह कर रहे हैं । शासन के सख्त निर्देश के बाद भी सड़क पर अन्ना पशु दिखते हैं। रोड पर सैकड़ों की संख्या में शहर में घूमते दिखते हैं। जिनसे बहुत सारी घटनायें घट रही हैं साथ ही गांवों में स्थित गौशालाओं की हालत दयनीय है। 8-8 महीने से ग्राम पंचायतों की गौशालाओं का भुगतान नहीं हुआ है। इस परिस्थिति में अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस प्रकार ग्राम पंचायतें गौशालाओं का क्रियान्वयन कर रहीं होगीं। अन्ना पशुओं के रोकथाम हेतु सभी कार्यवाहियां धरातल पर की जायें ।

9. परिक्रमा मार्ग, रामघाट, नगर पालिका क्षेत्र में दशकों से रह रहे लोगों को बेघर करने एवं व्यापारियों को व्यापार से वंचित करने के सन्दर्भ में:परिक्रमा मार्ग, रामघाट और नगर पालिका परिक्षेत्र में जिन लोगों के द्वारा हाउस टैक्स और अन्य टैक्स दिया जा रहा है, जिनका नगर पालिका में रजिस्ट्रेशन है उनको बिना किसी सूचना के या उनकी कोई बात सुने इनको हटाया जा रहा है इसके साथ-साथ कई लोगों के मामले मा० न्यायालय में विचाराधीन हैं, ऐसे लोगों को भी हटाया जा रहा है और चौडीकरण के नाम पर ऐसे सैकड़ों दुकानदार जो लगभग 50 वर्षों से अधिक दुकान पर काबिज हैं। जो दुकान का हाउस टैक्स देते हैं उन्हें हटाया जा रहा है। अतः जो नई दुकानें बने इन दुकानदारों को पहले प्राथमिकता दी जाये और इस विषय पर लिखित निदेश जारी किया जाये ।

10. विभिन्न जर्जर सम्पर्क मार्गों का निर्माणः 1. चिल्लीमल से गुरगौला तक सम्पर्क मार्ग का नवीनीकरण लम्बाई लगभग 06 किमी0। 2. सरधुवा आश्रम पद्धति विद्यालय से अर्की तक सम्पर्क मार्ग का शून्य से लेपन कार्य लम्बाई लगभग 02 किमी0। 3. शिवरामपुर से कौंहारी तक ध्वस्त सम्पर्क मार्ग का नवीनीकरण लम्बाई लगभग 20 किमी0। 4. कादरगंज से गढीघाट तक ध्वस्त सम्पर्क मार्ग का नवीनीकरण लम्बाई लगभग 08 किमी० ।


11. चिल्लीमल नहर में शून्य से 07किमी0 तक पक्की नहर का निर्माण।

12. ओरा पम्प कैनाल में कोठी का निर्माण ।

13. चिल्लीमल नहर पटरी में नं0 02, 06, 07 में झाल (फाटक) का निर्माण।

14. संयुक्त जिला चिकित्सालय एवं 200 बेड के मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय में सृजित पदो के सापेक्ष डॉक्टरों एवं स्टाफ की तैनाती हेतु शासन को पत्राचारःसंयुक्त जिला चिकित्सालय एवं खोह में डॉक्टरों की संख्या कम है। खोह में भी मातृत्व से
सम्बन्धित ऑपरेशन न होने के कारण केवल रिफर किया जाता है। अतः इन दोनों जगहों पर डॉक्टरों की सृजित पदो के सापेक्ष डॉक्टरों एवं स्टाफ की नियुक्ति हेतु शासन को पत्र लिखा जाये ।

15. संयुक्त जिला चिकित्सालय में प्रसव ऑपरेशन की 24 घण्टे व्यवस्था करवाने हेतुःसंयुक्त जिला चिकित्सालय में प्रसव हेतु केवल एक डॉक्टर की तैनाती होने के कारण प्रसव ऑपरेशन बहुत ही कम होते हैं। शाम से रात्रि तक आने वाले प्रसव मरीजों को जिनमें प्रसव हेतु आपरेशन होना आवश्यक होता है वे जिला चिकित्सालय में ऑपरेशन न होने के कारण मोटी रकम देकर मजबूरी में अस्पताल के बाहर ऑपरेशन करवाना पड़ता है। अतः शासन से वार्ता एवं पत्राचार करके 24 घण्टे में प्रसव ऑपरेशन करवाने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाये।

16. हर घर नल योजना के तहत गांव की टूटी सड़कों की पक्की मरम्मत हेतुःपूरे जिले के नमामि गंगे योजना के तहत हर घर नल योजना के तहत पाइप डालने हेतु पूरी
पक्की सड़कें तोड़ दी गयी हैं। पाइप डालने के बाद मिट्टी से केवल भर दिया गया है जिससे गांवों में आना-जाना दूभर हो गया है। अतः जहां पर भी कार्य पूरा हो गया है वहां पर पक्की सड़क का निर्माण कार्य करवायें ।

17. श्रम विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने हेतु:श्रम विभाग जहां से हजारों गरीब मजदूरों को प्रतिवर्ष विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक मदद मिलती है वहां भ्रष्टाचार का बोलबाला है । ए०एल०सी० श्री गुप्ता जी द्वारा 500 से अधिक फाइलों को बिना भुगतान किये पुनः वापस कर दिया गया जिस पर मेरे द्वारा जिलाधिकारी चित्रकूट को अवगत कराने पर जाँच कराने पर इन्हें दोषी पाया गया है। इनके खिलाफ तत्काल शासन एवं इनके उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर इनके खिलाफ कार्यवाही करायी एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारियों को पैसा न मिलने पर पत्रावलियों को निरस्त किया जाता है। अतः जिले के 03 अधिकारियों की एक कमेटी बनाकर अप्रैल 2022 से अब तक जितनी पत्रावलियां मातृत्व एवं शिशु हित लाभ, शादी अनुदान समेत अन्य जितनी भी निरस्त की गयी हैं उनकी जाँच की जाये एवं ए०एल०सी० श्री गुप्ता जी की कार्यप्रणाली के विषय में तत्काल शासन को अवगत कराया जाये ।

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