जी न्यूज भारत से चित्रकूट मण्डल ब्यूरो मनोज कुमार अग्रहरि की खाश रिपोर्ट ब्रेकिंग न्यूज चित्रकूट जिलाधिकारी श्री अभिषेक आनन्द की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।
सहायक निदेशक मत्स्य भानु चंद्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना वित्तीय वर्ष 2023- 24 में कुल 95 आवेदन पत्र ऑनलाइन परियोजना वार /श्रेणी वार लाभार्थियों के प्राप्त हुए थे जिनका मत्स्य निरीक्षकों द्वारा सत्यापन कराया गया जिसमें 32 आवेदन पत्र निरस्त किए गए तथा 63 आवेदन पत्र पात्र पाए गए, इस पर जिलाधिकारी ने सहायक निदेशक मत्स्य से कहा कि जो आवेदन पत्र निरस्त किए गए हैं उन आवेदन पत्रों का कारण भी स्पष्ट किया जाए तथा आप भी जो आवेदन पत्र चयनित किए गए हैं उनकी क्रास चेकिंग करें उन्होंने कहा कि इस योजना में यह देखा जाए कि जो मत्स्य पालन का कार्य कर रहे हैं उन लाभार्थियों को इस योजना का अधिक से अधिक सभी परियोजना वार लाभ दिलाया जाए गत वर्ष में जिन लाभार्थियों को इस योजना का लाभ दिया गया है उसकी प्रगति का विवरण अगले माह के विकास कार्यों की बैठक में प्रस्तुत किया जाए, उन्होंने कहा कि यमुना एवं मंदाकिनी में मछलियां निकालने का इस समय सीजनल रोक लगाई गई है उसी प्रकार जिन बांधों का मत्स्य पट्टा है वहां पर भी रोक लगाएं तथा मत्स्य विभाग व सिंचाई विभाग इसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें, प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत जिन तालाबों का निर्माण एवं निवेश कराया गया है
उनका निरीक्षण भी कराएं कहा कि जो वर्ष 2022- 23 की योजना में चयनित लाभार्थियों द्वारा बैक आउट किया गया है इन लाभार्थियों से लिखित लेकर कार्य योजना में रखा जाए, उन्होंने भूमि संरक्षण अधिकारियों से कहा कि जिन किसानों को खेत तालाब योजना का लाभ दिया गया है उन किसानों से संपर्क कर मत्स्य पालन कराएं उपनिदेशक कृषि से कहा कि भूमि संरक्षण की तीनों इकाइयों को 50-50 किसानों के खेत तालाब में मत्स्य पालन का लक्ष्य निर्धारित किया जाए, जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई से कहा कि यमुना घाट मऊ व राजापुर में मछुआ समुदाय के लाभार्थियों का चयन करके जो मत्स्य विभाग द्वारा नाव दिलाए जाने की योजना संचालित की गई है उसका लाभ दिलाएं उन्होंने सहायक निदेशक मत्स्य से यह भी कहा कि यमुना के किनारे के जो गांव हैं वहां पर कैंप लगाकर मत्स्य विभाग की योजनाओं की जानकारी दी जाए तथा योजनाओं का लाभ भी दिलवाए मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड भी बनवाया जाए इस संबंध में अग्रणी जिला प्रबंधक इंडियन बैंक से भी संपर्क किया जाए। सहायक निदेशक मत्स्य ने बताया कि मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभाओं में निहित ऐसे तालाब पोखर जिनका सुधार मनरेगा योजना के द्वारा अथवा पट्टा के स्वयं लाभार्थी द्वारा करा लिया गया हो ऐसे तालाबों में मत्स्य पालन मत्स्य बीज बैंक प्रथम वर्ष निवेश के लिए चार लाख रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से निर्धारित परियोजना लागत पर सभी श्रेणी वर्ग के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 40 प्रतिशत अनुदान की सुविधा अनुमन्य है, इसी क्रम में लाभार्थियों के चयन हेतु ऑनलाइन आवेदन मत्स्य विभाग के पोर्टल पर करने का प्रावधान है जिसमें 1 जून 2023 से 15 जुलाई 2023 तक 13 आवेदन पत्र ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं जिनकी पात्रता का विभागीय मत्स्य विकास अधिकारियों द्वारा परीक्षण कराया गया है, इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आवेदकों के मत्स्य पालन पट्टा कराएं, उन्होंने मत्स्य विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत जो योजनाएं संचालित की गई हैं उनका अधिक से अधिक लाभ जनपद के लाभार्थियों को दिलाया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अमृतपाल कौर, जिला विकास अधिकारी श्री आरके त्रिपाठी, उप निदेशक कृषि श्री राजकुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई श्री आशुतोष कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक इंडियन बैंक श्री तुलसीराम, भूमि संरक्षण अधिकारी चित्रकूट श्री तुलसीराम, सीओ मत्स्य श्री किशन शर्मा, मत्स्य विकास अधिकारी श्री दीपक मिश्रा, गनींवा कृषि फार्म के श्री कमलाकांत शुक्ला सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

